पुष्पगिरी तीर्थ पर बाहर से आने वाले अतिथियों तथा पर्यटकों के लिए वर्तमान में 16 कमरों की सर्व सुविधायुक्त धर्मशाला उपलब्ध है। धर्मशाला आकर्षक, वास्तु एवं सौन्दर्यता को ध्यान में रखकर बनाई गई है जिसमें पार्किंग एवं गार्डन की सुविधा प्रदान की गई है।
पुष्पगिरी तीर्थ पर वर्तमान में एक भोजन शाला संचालित की जा रही है जिसमें बाहर से आने वाले अतिथियों को शुद्ध एवं सात्विक भोजन प्रदान किया जाता है। आगामी योजना के अन्तर्गत मुनिश्री प्रणाम सागर प्रभुप्रसाद धाम का निर्माण किया जावेगा। यहां पर एक बार में 2000 अतिथि भोजन ग्रहण कर सकेंगे जिसे अत्याधुनिक बनाया जावेगा।
जैसा आहार - वैसा मन, आचरण व चरित्र आदि बातों को ध्यान में रखकर प्रभु प्रसाद के रूप में अतिथियों को भोजन प्रदान किया जावेगा।
पुष्पगिरी तीर्थ से पुष्पगिरी तीर्थ मासिक पत्रिका प्रतिमाह प्रकाशित की जाती है जिसमें देश के समस्त आचार्यों, मुनियों, त्यागी वृत्तियां तथा श्रेष्ठ रचनाकारों की रचनाओं का जीवन निर्माण के प्रकल्प के रूप में प्रकाशित किया जाता है। प्रतिमाह लगभग 4000 प्रतियां सारे देश में भेजी जाती है। यह देश की प्रथम रंगीन जैन पत्रिका है।