पुष्पगिरी तीर्थ पर ग्रामीण अंचल में चिकित्सा व्यवस्था हेतु वर्तमान में ओपीडी संचालित की जा रही है। चिकित्सालय में आँखों की जांच, एक्स-रे, पैथॉलोजी, डायबिटीज परीक्षण की मशीनें उपलब्ध है। यहां समय-समय पर हृदय रोग, डायबिटीज तथा रक्तदान आदि के लिए शिविर आयोजित किये जाते है। ग्रामीण अंचल में एम्बुलेन्स की सुविधा दी गई है तथा चलित चिकित्सालय के माध्यम से गांव-गांव जाकर रोगियों का परीक्षण एवं दवाई का वितरण किया जाता है।
आगामी योजना के अन्तर्गत मुनिश्री सौरभ सागर कैंसर निदान केन्द्र तथा 100 बिस्तरों के निर्मल माणिक अस्पताल के लिए विशाल भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। भगवान पद्मप्रभु चिकित्सालय के अन्तर्गत स्वास्थ्य लाभ हेतु निम्नलिखित केन्द्र अग्रसर हैः-
निर्मल माणिक हॉस्पिटल, मुनिश्री सौरभ सागर कैसर निदान केन्द्र, स्व. श्री कपूरचंद अजमेरा सोनोग्राफी सेन्टर, आचार्य श्री विमल सागर पोलियो एवं हड्डी रोग चिकित्सा केन्द्र, मॉ पद्मश्री स्त्री रोग एवं गर्भाशय कैसर निदान चिकित्सा केन्द्र, श्री राजकुमार सिंह कासलीवाल आयुर्विज्ञान केन्द्र, मॉ चन्द्रप्रभा मोदी नेत्र चिकित्सा केन्द्र, स्व. श्री चौथीबाई अजमेरा पैथोलॉजिकल लेबोरेटरी, श्रीमती कृष्णा देवी डेन्टल कॉलेज, श्री बाबूलाल पाटोदी (छिन्दवाडा) प्रसूति गृह।
पुष्पगिरी तीर्थ पर भगवान धर्मनाथ गर्भस्थ शिशु संस्कार केन्द्र की स्थापना की जावेगी। इसके माध्यम से गर्भवती स्त्री पर सुसंस्कार डाले जावेंगे। गर्भ के संस्कार ही जन्म के संस्कार बनते हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर दो माह से आठ माह तक की गर्भवती स्त्री के आवास की आध्यात्मिक व्यवस्था यहां होगी ताकि इस पृथ्वी पर दिव्यात्माओं का जन्म हो सके।