पुष्पगिरी तीर्थ पर मुनिश्री प्रमुख सागर शास्त्र मंदिर एवं स्वाध्याय भवन तथा ऋषभदेव ग्रंथालय का निर्माण कार्य जारी जिसे पहाडी के अग्रभाग की तलहटी और बडी प्रतिमा के बीच में बनाया गया है जो कि एक बडी पुस्तक के आकार का होगा। शास्त्र मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढियों का निर्माण किया गया है जिसके माध्यम से ऊपर पहाडी पर भी पहुंचा जा सकेगा। सीढियों के बीच में आकर्षक झरने का निर्माण भी किया गया है। यह अनूठा एवं अत्याधुनिक शास्त्र मंदिर होगा।
शास्त्र मंदिर के अन्तर्गत ही चांदी का एक विशाल ऋषि मण्डल यंत्र स्थापित किया जावेगा जहां पर साधना की जा सकेगी। शास्त्र मंदिर में विभिन्न शास्त्रों का संग्रह कर उनकी सुरक्षा आदि की व्यवस्था की जा सकेगी। एक स्वाध्याय भवन भी शास्त्र मंदिर में होगा।
पुष्पगिरी तीर्थ पर भगवान महावीर ध्यान संबोधि केन्द्र के अन्तर्गत मुनिश्री प्रतीक सागर ध्यान केन्द्र का निर्माण किया जावेगा। यह ध्यान केन्द्र मिश्र के गिज पिरामिडों के दसवें हिस्से के बराबर बनने वाला भारत का पहला केन्द्र होगा। यहां पर ध्यान के माध्यम से ईश्वर से जोडा जावेगा।