पुष्पगिरी तीर्थ पर संत निवास और साध्वी निवास आकर्षक पिरामिड शैली से बनाए गए है जो आकर्षण का केन्द्र है। इनके निर्माण में लोहा और सीमेन्ट का उपयोग नहीं किया गया है। संत एवं साध्वी निवास में आत्मिक शांति के अनुभव के साथ ध्यान तथा एकाग्रता के दृष्टिकोण से यह निर्माण पूरी तरह अद्वितीय है। डोम के नाम से प्रसिद्ध ये निवास वास्तुकला के अद्वितीय शिल्प स्थल है। इनके निर्माण में चूना, गुड, मेथीदाना तथा बेलफल का उपयोग किया गया है।
पुष्पगिरी तीर्थ पर संतों एवं त्यागी वृत्तियों के लिए शुद्ध भोजन हेतु अत्याधुनिक आहार कक्ष निर्मित किया गया है, जो कि सर्व सुविधा युक्त है। आधुनिक शैली से बनाए गए इस आहार कक्ष की शुद्धता और स्वच्छता देखते ही बनती है। आहार कक्ष में एक साथ 20 त्यागियों के आहार हो सकते है।
पुष्पगिरी तीर्थ पर एक भव्य त्यागी वृत्ति आश्रम का निर्माण किया गया है, जिसमें वर्तमान में 22 कमरे है, जिसमें छः बडे कमरों का निर्माण किया जा रहा है। जहां पर ईश्वर की साधना में रत व्यक्तियों को रहने की सम्पूर्ण व्यवस्था है तथा ठहरने से लेकर भोजन का बेहतर इंतजाम है।
पुष्पगिरी तीर्थ पर अत्याधुनिक गुरू भवन का निर्माण किया है, यह लगभग 2 करोड की योजना है। दरअसल गुरू परमात्मा का द्वारा है। इसी बात को गुरू भवन दर्शाता है।
पुष्पगिरी तीर्थ पर आचार्य श्री विमल सागर मुनि वैश्यावृत्ति केन्द्र के अन्तर्गत संत समाधि एवं तपस्थली का निर्माण किया गया है जिसमें सर्वप्रथम आर्यिका श्री पद्मश्री माताजी की समाधि मुनिश्री पुरब सागर जी महाराज की समाधि एवं गुजरात केसरी परम पूज्य आचार्य श्री भरत सागर जी महाराज की समाधि भी बनाई गई है।
पुष्पगिरी तीर्थ पर भगवान मल्लिनाथ संत साधना केन्द्र के अन्तर्गत मुनि वसतिका का निर्माण किया जावेगा जो कि अनूठा होगा। यहां पर चमत्कारी वृक्षों के माध्यम से उपचार किया जावेगा।
पुष्पगिरी तीर्थ भूमि प्रदाता स्व. श्री सवाईलाल जी जैन की मूर्ति (स्टेच्यू) बनाई गई है, जो कि बहुत ही आकर्षक है। पुष्पगिरी तीर्थ पर स्व. श्री सवाईलाल जैन का एक समाधि स्थल बनाया गया है। स्व. श्री सवाईलाल जैन परिवार आज भी पुष्पगिरी तीर्थ के प्रति तन-मन-धन से समर्पित है।
पुष्पगिरी तीर्थ पर भगवान कुंथुनाथ अनुसंधान केन्द्र के अन्तर्गत भूगोल एवं ज्योतिष विज्ञान केन्द्र का निर्माण किया जावेगा। इसके माध्यम से विश्व के भूगोल एवं आने वाली आपदाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।