संस्था परिचय
अंचल के ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के उत्थान हेतु रोजगारोन्मुखी व्यावसायिक एवं विधी शिक्षा प्रदान करने हेतु पुष्पगिरी प्रणेता परम पूज्य आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से श्री पुष्पदंत सागर दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति न्यास द्वारा 01.07.2009 को मॉ जिनवाणी महाविद्यालय की स्थापना पुष्पगिरी तीर्थ पर की गई।
महाविद्यालय भवन 8 एकड के विस्तृत क्षेत्र में निर्मित है जिसमें समस्त अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का समावेश किया गया है। यह संस्थान विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जेन से संबद्ध है। महाविद्यालय (न्यास) द्वारा वाणिज्य, प्रबन्धकीय, कला, तकनीकी एवं विधि जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का सफल संचालन किया जा रहा है। इसमें पुष्पगिरी तीर्थ (सोनकच्छ) के आस-पास के सभी क्षेत्रों के शिक्षार्थी लाभान्वित हो रहे है। आधुनिक युग की आवश्यकतानुसार पाठ्यक्रमों के अध्ययन-अध्यापन की सुविधा प्रदान की जाती है।
महाविद्यालय की विगत पांच वर्षों की यशस्वी विकास यात्राओं में अनेक स्वर्णिम पडाव आये जो शिक्षा जगत के लिए अनुकरणीय है। इस महाविद्यालय की वास्तविक धरोहर इसके कुशल संचालकगण, प्रशासनिक तंत्र, प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं है। इन सभी के माध्यम से अनुपम समन्वय एवं स्वस्थ शेक्षणिक वातावरण के ही फलस्वरूप महाविद्यालय का परीक्षा परिणाम हमेशा ही श्रेष्ठ रहा है।
विद्यार्थीगण विभिन्न एवं सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं में विजेता बनकर महाविद्यालय को गौरवान्वित करते रहे है।
नवीन चुनौतियों को अफसरों में परिवर्तित करने की ध्येय पथ पर यह यशस्वी महाविद्यालय सतत् अग्रसर है।
ध्येय एवं उद्देश्य
‘लक्ष्य‘ आधारित गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट केन्द्र के रूप में स्थापित होकर समाज की निर्णायक एवं विकासात्मक गतिविधियों में सक्रिय एवं सार्थक सहभागिता हेतु विद्यार्थियों को सशक्त एवं संपूर्ण नागरिक बनने में शिक्षा का सदुपयोग करना।
उद्देश्य
1. विषय ज्ञान के साथ ही विद्यार्थियों में सामाजिक एवं राष्ट्रीय चेतना, इतिहास बोध तथा सहज मानवीय गुणों को विकसित करना।
2. समाज के प्रत्येक वर्ग को न्यूनतम (वाणिज्य) शुल्क पर उच्च गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करना।
3. व्यावसायिक एवं उद्यमी समाज के परिदृश्य के अनुरूप आवश्यक सभी क्षत्रों में युवा पीढी के कौशल को तरासन, दक्षताएं प्रदान करना।
4. युवा पीढी में आत्मविश्वास का संचार, व्यक्तित्व विकास, अनुसंधानात्मक प्रवृत्तियां, समानता की भावना तथा राष्ट्र प्रेम की भावना प्रस्फुटित करने हेतु वातावरण प्रदान करना।
5. ज्ञानपूर्ण और कल्याणकारी समाज के सतत उन्नयन के लिए शिक्षा सदुपयोग से मुख्य भूमिका का निर्वहन करना।
उपलब्ध पाठ्यक्रम
1. बी. कॉम. - कम्प्यूटर एप्लीकेशन (वाणिज्य)
2. बी. कॉम. - टैक्स प्रोसीजर एण्ड प्रैक्टिस (वाणिज्य)
3. बी. एससी - कम्प्यूटर साइंस (विज्ञान)
4. बी. ए. - कम्प्यूटर एप्लीकेशन (कला)
5. बी. बी. ए. - (प्रबन्ध)
6. बी. सी. ए. - (कम्प्यूटर)
7. एल. एल. बी. - (विधि)
छात्रवृत्ति
महाविद्यालय में म. प्र. शासन द्वारा देय एकीकृत छात्रवृत्ति जिसमें पिछडा वर्ग, अजा., अजजा. एवं अल्पसंख्याक विद्यार्थियों को नियमानुसार प्रदान की जाती है। इस हेतु पात्र विद्यार्थियों को अपना आवेदन आयुक्त पिछडा एवं अल्पसंख्यक की ओर प्राचार्य के माध्यम से ऑनलाईन करना होगा।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की सुविधा भी प्रदान की गई है।
1. गाँव की बेटी योजना -
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी नियमों एवं निर्देशों के अनुसार ग्रामीण छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है (5,000/- रू0 प्रति वर्ष)।
2. प्रतिभा किरण योजना -
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी नियमों एवं निर्देशों के अनुसार शहरी छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है (5,000/- रू0 प्रति वर्ष)।
3. विक्रमादित्य योजना -
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी नियमों एवं निर्देशों के अनुसार सामान्य वर्ग की छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
4. स्वामी विवेकानन्द कैरियर एवं रोजगार मार्गदर्शन -
इस प्रकोष्ठ के द्वारा विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी, युवा उद्यमियों के आवश्यक मार्गदर्शन तथा रोजगार हेतु परीक्षण आदि की जानकारी प्रदान की जाती है।
शैक्षणेत्तर गतिविधियां
एन. एस. एस. (राष्ट्रीय सेवा योजना) मॉ जिनवाणी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के अन्तर्गत महाविद्यालय में विभिन्न गतिविधियां संचालित की गई जिससे बच्चों एवं समाज का विकास हो सके। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा जुलाई से मई, 2015 तक विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियां की गई। पुष्पगिरी तीर्थ एवं मॉ जिनवाणी महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया।
1. मतदाता जागरूकता हेतु पोस्टर, स्लोगन एवं शपथ विधि कार्यक्रम।
2. सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयन्ती पर एकता हेतु दौड कार्यक्रम।
3. कुपोषण हेतु जागरूकता के लिए पोस्टर कार्यक्रम।
4. कश्मीर आपदा हेतु प्रधानमंत्री राहत कोष में राशि जमा की गई।
5. यातायात सुरक्षा हेतु हैलमेट जागरूकता रैली।
6. विश्वविद्यालय स्तरीय नेतृत्व परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसमें संपूर्ण विश्वविद्यालय के 450 विद्यार्थियों ने भाग लिया एवं जिसमें उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी जी ने छात्रों को संबोधित किया।
7. कैरियर मार्गदर्शन प्रोग्राम आदि।
शैक्षणिक गतिविधियां
महाविद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु समय-समय पर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाती है जिसमें वाद-विद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, प्रश्नमंच, निबंध प्रतियोगिता, स्लोगन एवं सामूहिक चर्चा करवाई जाती है।
संरचना सुविधाएं
शैक्षणिक संरचना एवं प्रयोगशाला
1. समस्त कक्ष अध्यापन सुविधायुक्त।
2. कक्षों में विद्यार्थी संस्था के अनुरूप फर्नीचर उपलब्ध व्याख्यान कक्ष जिसमें ओवर हैड प्रोजेक्ट, स्लाईड प्रोजेक्टर, टी. वी., वी. सी. आर., सी. डी. प्लेयर, माइक, कैमरे, मल्टीमीडिया आदि सुविधाएं उपलब्ध है।
3. कम्प्यूटर प्रयोगशाला, इन्टरनेट सुविधा युक्त, आधुनिक कम्प्यूटर्स।
4. अध्यापन किये जाने वाले विषयों की उपकरणों से युक्त सुसज्जित प्रयोगशालाएं।
5. सुसज्जित प्रतिमान न्यायालय।
6. संकायवार पृथक-पृथक पुस्तकालय एवं प्रयोगशालाएं।
7. सभाग्रह।
अन्य सुविधाएं
1. प्राकृतिक एवं सुरम्य वातावरण
2. शुद्ध पेयजल व्यवस्था
3. छात्राओं हेतु कॉमन रूम
4. छात्रावास सुविधा
5. बस सुविधा
सांस्कृतिक गतिविधियां
महाविद्यालय में विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को बाहर लाने के लिए विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां की जाती है जिसमें रंगोली, गायन, वादन, कोलॉज, पोस्टर, मेकिंग, समूह गायन व नृत्य शामिल है।
स्पोर्ट्स गतिविधियां
म्हाविद्यालय में स्पोर्ट्स गतिविधि हेतु विशाल खेल मैदान एवं समस्त संसाधन उपलब्ध है। इस वर्ष दो छात्रों का चयन राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में एवं दो छात्रों का चयन जिला स्तरीय वॉलीबाल एवं फुटबाल प्रतियोगिता में हुआ। महाविद्यालय में इनडोर एवं आउटडोर गेम्स की विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जाती है।
सेमिनार
महाविद्यालय में वर्तमान परिदृश्य के अन्तर्गत होने वाले विभिन्न परिवर्तन एवं तात्कालिक विषयों पर सेमिनार आयोजित किये जाते है। सत्र 2014-2015 में विभिनन विषयों पर सेमिनार आयोजित किये गये।
1. उद्यमिता विकास हेतु - रोडमैप द्वार (भोपाल)
2. कैरियर लिफ्ट - इन्दौर प्रो. अतुल
3. स्वरोजगार एवं उद्योग निर्माण - महाप्रबन्धक जिला एवं व्यापार उद्योग चिन्ह
4. यातायात के नियमों एवं ईधन बचत - महाप्रबन्धक आयशर कम्पनी, पीथमपुर